नवापारा राजिम
सेठ फूलचंद अग्रवाल स्मृति महाविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना व रेडक्रॉस के संयुक्त तत्वावधान में नेत्रदान पखवाड़ा के अंतर्गत नेत्रदान जागरूकता एवं नवप्रवेशित स्वयंसेवकों का परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. आर. के. रजक व क्षेत्र के नेत्र सहायक डॉ. एस. पी. देवांगन, अविनाश शर्मा, ठाकुर राम साहू, चितरंजन, विकास साहू, लक्ष्मीनारायण, मूलचंद, डिगेश, परमानंद, देविका प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। डॉ. एस. पी. देवांगन ने स्वयंसेवकों को शपथ दिलाते हुए कहा कि वे अपने गांवों, घरों एवं शहरों को जागरूक करें, और अपने जीवन में जीते जी रक्तदान व मृत्यु उपरांत नेत्रदान अवश्य करें। यह एक पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा "जीवन का कोई भरोसा नहीं कि कब समाप्त हो जाए, अतः परिवार की सहमति से दाह संस्कार के पहले 4 से 6 घंटे के भीतर नेत्रों को सुरक्षित नेत्र बैंक में जमा कराना चाहिए।
इसके लिए समय का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में प्रतिवर्ष 15,000 लोग नेत्रहीन हो रहे हैं, लेकिन नेत्रदान करने वालों की संख्या मात्र लगभग 400 के आसपास ही है। डॉ. आर. के. रजक ने बताया कि श्रीलंका में प्रत्येक व्यक्ति नेत्रदान के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को टीकाकरण के समय विटामिन ए का घोल, हरी सब्ज़ी, गाजर, पपीता एवं दूध का सेवन जरूर कराना चाहिए, क्योंकि यह आंखों की रोशनी को तेज़ रखता है।
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