शासकीय माध्यमिक स्कूल लुगे में बच्चों को कृषि और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रोत्साहित करने कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक और जैविक खेती के महत्व के बारे में जागरूक करना था। विशेषज्ञों और शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि किस तरह कम लागत में घर की बाड़ी में सब्जियां उगाकर शुद्ध, ताजी, और रसायन मुक्त उत्पाद प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मिट्टी की तैयारी, खाद निर्माण, जैविक कीटनाशकों के उपयोग, जल संरक्षण और फसल देखभाल की सरल तकनीकों से परिचित कराया गया। साथ ही बच्चों को समझाया कि घरेलू स्तर पर खेती न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि यह परिवार की आर्थिक बचत में भी सहायक होती है।
वर्तमान समय में रसायनयुक्त खाद्य पदार्थों के बढ़ते उपयोग के बीच जैविक खेती की आवश्यकता और महत्व काफी बढ़ गया है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की सब्जियों के पौधे वितरित किए गए, जिन्हें वे घर की बाड़ी में लगाकर स्वयं उनकी देखभाल करेंगे। इससे बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम, श्रम का सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। साथ ही यह उनके परिवारों को स्वच्छ व जैविक सब्जियों का उपभोग करने का अवसर प्रदान करेगा। शिक्षकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम न केवल शैक्षिक लाभ प्रदान करते हैं, बल्कि व्यवहारिक अनुभव भी देते हैं।
बच्चों के पौधों की देखभाल से उनके अंदर आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और प्रकृति-संवेदनशीलता जैसे गुण स्वाभाविक रूप से विकसित होंगे। डीईओ अभय जायसवाल ने शिक्षिका रंजीता साहू और तुमनचंद साहू के प्रयास की तारीफ की। उन्होंने इसे बच्चों के लिए उपयोगी, समयानुकूल और रोजगारोन्मुखी पहल बताते हुए कहा कि इससे बच्चों में कृषि के प्रति सकारात्मक सोच, उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता का विकास होगा। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। संकुल प्राचार्य एनके साहू ने कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बताया। इसे कौशल विकास, व्यावहारिक ज्ञान, और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाला बताया। प्रधान पाठक खिलेश्वर साहू ने आभार व्यक्त किया। संकुल समन्वयक नरेन्द्र सिन्हा और शिक्षक आशालता साहू, पुष्पलता साहू व लिलेश्वरी साहू भी कार्यक्रम के दौरान उपस्थित थे।
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