आग लगना हादसा था, दमकल न रखने की लापरवाही ने इसे बुरी तरह भड़काया


न्यूज | मगरलोड

नगर पंचायत से महज 100 मीटर दूर मणिकंचन केंद्र में गुरुवार दोपहर आग लग गई। इससे उठने वाला काला धुआं दूर से भी नजर आ रहा था। पुलिस और पंचायत की टीम फौरन मौके पर पहुंच गई, लेकिन आग बुझाने में लाचार थी। वजह, नगर पंचायत होने के बाद मगरलोड में दमकल का इंतजाम नहीं है।

अब तक इस दिशा में कोई प्रयास न करने वाले जिम्मेदारों की इसी लापरवाही के चलते हर बार की तरह इस बार भी 23 किमी दूर कुरूद से फायर ब्रिगेड की टीम बुलाई गई। आग तब तक इतनी बढ़ चुकी थी कि टीम को आग पर काबू पाने में करीब एक घंटे मशक्कत करनी पड़ी। आग जब तक शांत हुई, केंद्र में रखी 17.50 लाख की फटका मशीन और महज 8 महीने पहले 12.50 लाख रुपए से खरीदे गए 5 ई-रिक्शों समेत

50 लाख रुपए के सामान खाक हो चुके थे। केंद्र में आगजनी की वजह फिलहाल साफ नहीं हो पाई है।

शॉर्ट सर्किट ही वजह रही या कुछ और, इसकी जांच के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष और राजस्व विभाग सभापति जांच की बात कह रहे हैं। बता दें कि यह मणिकंचन केंद्र 8 साल से वार्ड नंबर-13 में संचालित है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए बनाए इस केंद्र में पूरे मगरलोड का कचरा इकट्ठा किया जाता था। इसे प्रोसेस कर उपयोगी वस्तुएं अलग की जाती थीं।

नगर पंचायत मगरलोड के राजस्व विभाग सभापति सुरेश साहू ने कहा, मणिकंचन केंद्र में आगजनी की जांच और इससे हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए जल्द फायर ब्रिगेड वाहन खरीदने का प्रस्ताव सरकार को भेजेंगे। घरों को आग से जैसे-तैसे बचाया घनी आबादी के बीच बसे मणिकंचन केंद्र में आगजनी ने जन सुरक्षा को लेकर भी स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, केंद्र से उठने वाली आग की लपटों की आंच आसपास के घरों तक पहुंचने लगी थी। ऐसे में आसपास के लोग भी अपने घरों को आग से बचाने पानी लेकर दौड़े।

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