धान और गुल्लक देकर बचत करने की दी सीख

मगरलोड | छत्तीसगढ़ के परंपरागत दान पर्व छेरछेरा त्योहार के अवसर

पर साहू दंपति तुमनचंद साहू एवं शिक्षिका रंजीता साहू भैंसमुंडी मगरलोड ने बच्चों को प्रेरित कर उन्हें धान और गुल्लक भेंट किए। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को यह समझाना है कि धान बेचकर जो धन प्राप्त होगा, उसे वे अपनी शिक्षा, किताब-कॉपी, जरूरी शैक्षणिक सामग्री और भविष्य के उपयोग में लगाएं, न कि फिजूलखर्च में। दंपति ने कहा कि छेरछेरा केवल दान का त्योहार नहीं, बल्कि साझेदारी, संवेदना और संस्कार सिखाने का पर्व है। बच्चों में बचत की आदत विकसित होने से वे आत्मनिर्भर बनेंगे और आर्थिक अनुशासन के महत्व को समझ पाएंगे।

स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की। कहा कि यह प्रयास न केवल परंपरा को जीवित रखता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को संस्कार, शिक्षा और जिम्मेदारी के मार्ग पर अग्रसर करता है। छेरछेरा तिहार के पावन अवसर पर किया गया यह अनूठा कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है 

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