छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। धमतरी जिले में 47 लाख रुपये के इनामी 9 हार्डकोर नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए अपने हथियारों सहित आत्मसमर्पण कर दिया। यह कार्रवाई राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के लगातार दबाव का परिणाम मानी जा रही है।
🔴 नक्सल विरोधी अभियान को मिली बड़ी कामयाबी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली प्रतिबंधित नक्सली संगठन की ओडिशा राज्य कमेटी से जुड़े थे। ये नक्सली धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन के अंतर्गत
नगरी एरिया कमेटी, सिहावा एरिया कमेटी, मैनपुर L.O.S. और गोबरा L.O.S. क्षेत्रों में सक्रिय थे।
ये सभी लंबे समय से
संगठन विस्तार
हथियार संचालन
हिंसक नक्सली गतिविधियों
में शामिल रहे हैं।
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| 2 पुरुष और 7 महिला नक्सलियों ने धमतरी एसपी ऑफिस में सरेंडर किया। |
👤 आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की सूची
💰 8–8 लाख रुपये के इनामी
ज्योति उर्फ जैनी उर्फ रेखा – DVCM, सिहावा एरिया कमेटी
उषा उर्फ बालम्मा – DVCM, टेक्निकल
💰 5–5 लाख रुपये के इनामी
रामदास मरकाम उर्फ आयता उर्फ हिमांशु
रोनी उर्फ उमा
निरंजन उर्फ पोडिया
सिंधु उर्फ सोमड़ी
रीना उर्फ चिरो
वेमिला उर्फ सन्नी
💰 1 लाख रुपये की इनामी
लक्ष्मी पूनेम उर्फ आरती
🔫 हथियारों का जखीरा किया बरामद
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को सौंपे—
5 ऑटोमैटिक हथियार
1 भरमार बंदूक
SLR राइफल
कार्बाइन
बड़ी संख्या में कारतूस व मैगजीन
वॉकी-टॉकी और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री
🕰️ 2002 से सक्रिय रहे थे नक्सली
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पित नक्सली वर्ष 2002 से 2017 के बीच संगठन में शामिल हुए थे।
ये बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, तेलंगाना, धमतरी और गरियाबंद जिलों में कई गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। कई नक्सलियों के खिलाफ विभिन्न थानों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
🤝 जनसंपर्क और दबाव से बदला मन
धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे
सतत नक्सल विरोधी अभियान
जंगल-गांव क्षेत्रों में जनसंपर्क
पोस्टर-पंपलेट वितरण
ग्रामीणों के माध्यम से संवाद
ने नक्सलियों के विचार बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
🏠 पुनर्वास नीति के तहत मिलेंगी सुविधाएं
छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को—
इनामी राशि
आवास सुविधा
स्वास्थ्य लाभ
रोजगार एवं अन्य पुनर्वास सहायता
प्रदान की जाएगी। पूर्व में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के सुरक्षित जीवन से भी ये प्रभावित हुए।
🌱 शांति और विकास की दिशा में बड़ा कदम
नगरी, सिहावा, मैनपुर और गोबरा जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में 9 हार्डकोर नक्सलियों का एक साथ आत्मसमर्पण क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। इससे इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।





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