कुरूद से मुश्किल से 5 किमी दूर राजिम रोड में ग्राम दहदहा स्थित है। जहां पर कई बार खुलेआम शराब बिकना एवं नशे के कारोबार की शिकायत मिलती रहती है। लोग अचंभित तो उस वक्त हो गए जब मिडिल स्कूल के बच्चों के हाथों में कटने के निशान पाये गये। मामला 15-20 दिन पुराना बताया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि बच्चों ने अपने हाथ को क्यों काटा। क्या बच्चे नशा करते हैं या किसी ने अपने हाथ काटने की शुरूआत की जिसे देखकर अन्य बच्चों ने इसका अनुसरण किया? सभी मुद्दों पर टीम ने जांच की। मामला पुराना होने के बाद 13 फरवरी को लोगों के संज्ञान में यह मामला आया। इस संबंध में प्रखर समाचार ने सभी प्रमुख लोगों से बात की और तह तक जाने की कोशिश की।
मामला पुराना अभी सब ठीक: सरपंच
ग्राम दहदहा के सरपंच डीलन चंद्राकर ने बताया कि मामला मिडिल स्कूल का है। जहां पर लड़के लड़कियां एक साथ पढ़ते हैं। एक माह पहले कुछ बच्चों ने अपना हाथ काट लिया था। जिनके घाव भर चुके हैं। नशे की ऐसी कोई चीज समझ नहीं आई है।
एक-दूसरे को देखकर घटना को दिया अंजाम: तहसीलदारजांच टीम में कुरूद तहसीलदार सूरज बंछोर भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि कुछ बच्चों के हाथ में कटने के निशान पाए गए। एक-दूसरे को देखकर अपने-अपने हाथ को जख्मी करने की आशंका है। सभी बच्चे स्वस्थ हैं। निशान भरने लगे हैं। नशा का कारण नहीं है। लोगों को समझाइश दी गई है।
13 फरवरी को आया संज्ञान में बीईओ
कुरूद के विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्रकुमार साहू ने बताया कि 13 फरवरी को यह मामला संज्ञान में आया। जहां पर लगभग 35 बच्चों के हाथ में कट के निशान मिले। बच्चों ने बताया कि एक-दूसरे को देखकर हाथ को जख्मी किया था। यह 20-25 दिन पुराना मामला है। क्रमिक रूप से बच्चों ने ऐसा किया था। तत्कालिक घाव नहीं मिला है। मेडिकल टीम भी गई थी। डाक्टर के अनुसार कुछ बच्चों ने नशे की वजह से ऐसा किया होगा। पालक और टीचरों की बैठक ली गई। 16 फरवरी को सभी की काउंसलिंग की गई। शिक्षकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे बच्चों पर नजर रखें।
नशे की वजह से बच्चों ने ऐसा किया: बीएमओ
कुरूद के बीएमओ डॉ. हेमराज देवांगन ने प्रखर समाचार को बताया कि 35 बच्चों के हाथ में काटने के निशान मिले थे। सभी की काउंसलिंग की गई। यह घटना नशे की वजह से हुई है। काउंसलिंग के दौरान बीईओ, बीआरसी, सरपंच आदि मौजूद थे। उनके साथ साइकोलॉजिस्ट की टीम भी गई थी।
आगे क्या होगा बड़ा सवाल
सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार गांव में न सिर्फ अवैध शराब बल्कि नशे की गोलियां भी बिकती हैं। इस पर पुलिस और जिला प्रशासन को संज्ञान में लेना चाहिए। यह घटना क्या सिर्फ नशे की वजह से हुई है या फिर वाकई में बच्चों ने एक-दूसरे को देखकर अपने हाथों का जख्मी किया, यदि ऐसा है तो यह समाज के लिए चिंता का विषय है। ऐसे घटना से सीख लेनी चाहिए।
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