पंचायत के इस फैसले के तहत, शाम 6 बजे के बाद छात्रों का चौक-चौराहों पर बैठना या गली-मोहल्लों में घूमना प्रतिबंधित है। मोबाइल फोन का उपयोग भी वर्जित किया गया है। यदि कोई बच्चा नशा करते पाया जाता है, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई होगी। सूचना देने वाले को इनाम भी दिया जाएगा।
अनोखे निर्णय की गांव में कराई मुनादी
जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित बिरेतरा गांव में इस बार 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अनोखे निर्णय की मुनादी भी कराई जा रही है। इस पहल में बिरेतरा के साथ-साथ रावनगुड़ा, लिमतरा और धौराभाठा जैसे पड़ोसी गांवों के लोग भी शामिल हैं।
ग्राम पंचायत ने अभिभावकों के लिए भी नियम बनाए हैं। प्रत्येक पालक को अपने बच्चों के गृह कार्य की निगरानी करनी होगी। विद्यार्थियों से घरेलू काम नहीं कराया जाएगा और उन्हें मोबाइल या टीवी देखने से रोका जाएगा। धूम्रपान, नशापान और गाली-गलौज से दूर रहने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
फैसले से ग्रामीण और छात्र-छात्राएं भी खुश
ग्राम विकास, शाला विकास और शाला प्रबंधन समितियों द्वारा इन नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित विद्यार्थी और उनके अभिभावकों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले से ग्रामीण और छात्र-छात्राएं भी खुश हैं। छात्रों का कहना है कि पहले वे घूमते नजर आते थे, लेकिन अब कोई भी उन्हें पढ़ाई करने के लिए टोक देता है।
यह महत्वपूर्ण निर्णय बिरेतरा के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में हुई एक बैठक में लिया गया। इस बैठक में स्कूल प्रबंधन, शाला विकास समिति और अभिभावक शामिल थे। व्याख्याताओं ने बताया कि दसवीं में 80% और बारहवीं में 100% परीक्षा परिणाम लाने के लिए वार्ड निगरानी समिति का गठन कर सुबह-शाम विद्यार्थियों की निगरानी की जाएगी।दंड का पैसा विकास कार्यों में लगाएंगे
गांव की महिलाओं ने भी कहा कि यह फैसला काफी अच्छा है। गांव में अगर कोई नशा करते पाया जाता है तो ग्राम पंचायत द्वारा 5 हजार रुपये दंडित किया जाता है। जिसमें से 2500 रुपये सूचना देने वाले को और 2500 रुपये पंचायत के हिस्से में रखा जाता है।
जिसे विकास कार्य में उपयोग किया जाएगा। यह नियम जब नहीं था तो तालाब गार्डन और सुनसान इलाकों में नशेड़ियों का जमावड़ा रहता था। इसमें खासकर स्कूली बच्चे भी शामिल हो जाया करते थे। यह नियम जब से बना है नशेड़ियों और परीक्षार्थी बच्चे नजर नहीं आते है।
फैसले का कलेक्टर ने भी किया स्वागत
इस फैसले का धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने भी स्वागत किया है उनका कहना है कि इस बार 10वीं 12वीं के परीक्षा थी बेहतर परिणाम लाएंगे। गांव में नशा को लेकर जो अभियान चलाया जा रहा है वह भी काफी अच्छी प्रयास है।
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