छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर तेज होता जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में हीट वेव (लू) चलने का अलर्ट जारी किया है। 25 अप्रैल को रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में लू चलने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन गर्मी और बढ़ सकती है। पेंड्रा-गौरेला-मरवाही और मुंगेली जिलों में भी हीट वेव की स्थिति बनने की आशंका है। इसके साथ ही गर्म रातों (वार्म नाइट) को लेकर भी चेतावनी दी गई है।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में बदलाव किया गया है। अब सभी आंगनबाड़ी केंद्र 23 अप्रैल से 30 जून तक सुबह जल्दी खोले जाएंगे। नए आदेश के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र अब सुबह 7 बजे से 11 बजे तक खुले रहेंगे। लेकिन बच्चों के लिए निर्धारित समय सिर्फ सुबह 7 बजे से 9 बजे तक रहेगा।
1 जुलाई के बाद आंगनबाड़ी केंद्र फिर से पुराने समय पर चलेंगे, यानी सुबह 9.30 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक नियमित संचालन होगा। 2 दिनों बाद बारिश की भी संभावना
इसके अलावा मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों के बाद प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। हालांकि, इसके बावजूद अलग-अलग स्थानों पर लू का असर बना रह सकता है।
क्यों बढ़ रही गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक विदर्भ से लेकर दक्षिण भारत तक ट्रफ लाइन और बंगाल-ओडिशा क्षेत्र में ऊपरी हवा के चक्रवाती प्रभाव के चलते गर्म और शुष्क हवाओं का असर बना हुआ है। इसी वजह से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है।
क्या है हीट वेव ?
मौसम विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों में जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंच जाता है, तब लू की स्थिति बन सकती है। सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री ज्यादा तापमान होने पर हीट वेव मानी जाती है। सामान्य से 6.4 डिग्री से अधिक बढ़ने पर सीवियर हीट वेव घोषित होती है।
अगर वास्तविक अधिकतम तापमान 45 डिग्री या उससे ऊपर पहुंच जाए तो भी हीट वेव मानी जाती है। 47 डिग्री या उससे अधिक होने पर सीवियर हीट वेव की स्थिति बनती है।
वार्म नाइट का भी खतरा
मौसम विभाग ने गर्म रातों (Warm Night) को लेकर भी चेतावनी दी है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री ज्यादा होने पर वार्म नाइट और इससे अधिक होने पर वेरी वार्म नाइट माना जाता है। ऐसी स्थिति में रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
तेज गर्मी और लू का असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है। दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव की सलाह दी गई है। अप्रैल में ही कई जिलों में पारा 43-44 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। ऐसे में लगातार हीटवेव की चेतावनी गर्मी के और तीखे होने के संकेत मानी जा रही है।
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