छत्तीसगढ़ में पारा चढ़ने के साथ ही बिजली की मांग ने भी रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह में बिजली की अधिकतम मांग 7,000 मेगावाट के पार बनी हुई है। मांग के मुकाबले आपूर्ति लगभग पूरी की जा रही है, लेकिन पिछले तीन दिनों में बिजली की मामूली किल्लत दर्ज की गई है।
क्योंकि पिछले साल अप्रैल में बिजली की डिमांड 6492 मेगावॉट थी यानी इस दिन इस साल लगभग पांच सौ मेगावॉट डिमांड ज्यादा रही है। यह आने वाले भीषण गर्मी के दिनों के लिए चेतावनी है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही प्रदेश में एसी, कूलर और पंखों का उपयोग बढ़ गया है। कूलर और पंखों की अपेक्षा एयरकंडीशंड में बिजली की ज्यादा खपत होती है। अब सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार के घरों में एक से डेढ़ टन के एसी आसानी से मिल जा रहे हैं। इस वजह से इस साल अप्रैल में ही बिजली की डिमांड सात हजार मेगावॉट तक पहुंच गई है।
18 अप्रैल को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली की मांग
आंकड़ों के मुताबिक 18 अप्रैल को प्रदेश में बिजली की मांग इस सीजन के उच्चतम स्तर 7,078 मेगावाट पर दर्ज की गई थी। इस दौरान विभाग ने 160.5 मिलियन यूनिट बिजली की सप्लाई की और किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी। इसके बाद 20 अप्रैल और 23 अप्रैल को भी मांग 7,000 मेगावाट के पार रही। बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि यह कंपनी की सफलता है कि दिनभर में अधिकतम मांग के समय कंपनी शत-प्रतिशत बिजली की सप्लाई करने में सफल रही है।
रोज तकरीबन पांच हजार मेगावॉट बिजली खरीदी जा रही
बिजली कंपनी इस डिमांड को पूरा करने में लगभग सफल रही है। डिमांड को पूरा करने के लिए बिजली कंपनी अपने पावर प्लांट्स से उत्पादित बिजली के अलावा सेंट्रल पुल से रोज तकरीबन पांच हजार मेगावॉट बिजली खरीदकर सप्लाई कर रही है। इस वजह से प्रदेश में बिजली की भारी किल्लत जैसी स्थिति नहीं है। हालांकि पिछले तीन दिनों में बिजली की सप्लाई में थोड़ी कमी है। 25 अप्रैल को बिजली की डिमांड अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन दिनभर में बिजली कंपनी ने 4.27 मिलियन यूनिट बिजली की सप्लाई कम की।
हमारे पास पर्याप्त बिजली, कमी नहीं होने देंगे
इस साल पूरे देश में ही अप्रैल में ज्यादा गर्मी पड़ रही है। 24 अप्रैल को पूरे देश में बिजली की डिमांड 252 गीगावॉट पहुंच गई थी। यह अब तक का रिकार्ड है। छत्तीसगढ़ में भी इस साल अप्रैल में डिमांड सात हजार मेगावॉट तक पहुंच गई है। अभी इसमें और वृद्धि की संभावना है। अनुमान है कि इस साल डिमांड 7300 मेगावॉट तक पहुंच सकती है, लेकिन हमारे पास पर्याप्त आपूर्ति के साधन हैं। इसलिए कमी नहीं होगी। - संजीव कुमार कटियार, एमडी-छत्तीसगढ़ पावर जनरेशन कंपनी कमी का दिखा असरः दिन-रात में अचानक 5-10 मिनट बिजली बंद राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अप्रैल के महीने में सुबह और रात के समय कुछ समय के लिए अचानक बिजली की सप्लाई बंद हो जाती है। दरअसल यह बिजली की डिमांड और सप्लाई में आने वाली कमी के कारण है। कभी-कभी तेज गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर फेल होने या अन्य तकनीकी कारणों से बिजली बंद हो जाती है। इसे चालू होने में एक से दो घंटे या ज्यादा वक्त भी लगता है, लेकिन अक्सर सुबह और रात के समय अचानक दस-पंद्रह मिनट या आधे घंटे के लिए लाइट बंद होना, यह बिजली की अघोषित कटौती है।
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