📱 WhatsApp पर वायरल हुआ पेपर: NSUI का बड़ा खुलासा
NSUI नेता और पीटीआरएसयू (PRSU) अध्यक्ष पुनेश्वर लहरे ने इस मामले को उजागर करते हुए शिक्षा मंडल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके प्रमुख आरोप निम्नलिखित हैं:
रात में ही हुआ वायरल: दावा है कि 13 मार्च की रात से ही हिंदी का प्रश्नपत्र कई WhatsApp Groups में तेजी से सर्कुलेट हो रहा था।
हुबहू मिला पेपर: जब 14 मार्च को छात्र परीक्षा हॉल पहुंचे, तो उन्हें वही प्रश्नपत्र मिला जो एक रात पहले वायरल हो चुका था।
सुरक्षा में चूक: इसे शिक्षा मंडल की गोपनीयता में एक बड़ी सेंधमारी बताया जा रहा है।
⚠️ छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकट
पेपर लीक की खबरों ने मेहनती और मेधावी छात्रों के मनोबल को तोड़ दिया है। NSUI ने मांग की है कि सरकार और शिक्षा मंडल इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें।
"सालों की मेहनत पर पानी फिर जाता है जब भ्रष्टाचार के कारण पेपर लीक होते हैं। हम इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।" — पुनेश्वर लहरे, NSUI नेता
📢 सोमवार को 'माशिमं' (CGBSE) कार्यालय का घेराव
पेपर लीक मामले में नाराजगी जताने के लिए NSUI ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
प्रदर्शन का समय: सोमवार को संगठन छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय का घेराव करेगा।
मुख्य मांग: दोषियों की पहचान कर उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए और मामले की सच्चाई स्पष्ट की जाए।
❓ क्या दोबारा होगी हिंदी की परीक्षा? (CGBSE Official Statement)
वर्तमान में छात्र सबसे ज्यादा इसी सवाल को लेकर असमंजस में हैं। हालांकि, अभी तक माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की ओर से कोई आधिकारिक सफाई या बयान जारी नहीं किया गया है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह:
अफ़वाहों से बचें और आधिकारिक वेबसाइट का इंतज़ार करें।
अपनी अगली परीक्षाओं की तैयारी जारी रखें।
किसी भी अपडेट के लिए अपने स्कूल या विश्वसनीय समाचार स्रोतों के संपर्क में रहें।

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