दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन योजना: मजदूरों के खाते में आने वाली है अगली किस्त, जानें किसे और कब मिलेगा 10,000 का लाभ

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दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन योजना: मजदूरों के खाते में आने वाली है अगली किस्त, जानें किसे और कब मिलेगा 10,000 का लाभ


छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले भूमिहीन मजदूरों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ के जरिए उन परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ दिया जा रहा है, जो दूसरों के खेतों में पसीना बहाकर अपना गुजारा करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 20 जनवरी 2025 को इस योजना का भव्य आगाज करते हुए 5.62 लाख से अधिक परिवारों को पहली सौगात दी थी। अब प्रदेश के लाखों मजदूर इस उम्मीद में हैं कि अगली किस्त जल्द ही उनके बैंक खातों की रौनक बढ़ाएगी।


अप्रैल से जून के बीच आ सकती है अगली किस्त

योजना की राशि का बेसब्री से इंतजार कर रहे मजदूरों के लिए अच्छी खबर है। मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, सरकार अप्रैल से जून 2026 के बीच अगली किस्त जारी करने की तैयारी में है। हालांकि, भुगतान की सटीक तारीख का औपचारिक ऐलान मुख्यमंत्री की ओर से जल्द ही किया जाएगा। प्रशासन इस समय लाभार्थियों की सूची को अपडेट करने और तकनीकी खामियों को दूर करने में जुटा है, ताकि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए बिना किसी बिचौलिए के पैसा सीधे हकदारों की जेब तक पहुंच सके।


सालाना 10,000 रुपये का मिलेगा मजबूत सहारा

इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र भूमिहीन खेतिहर मजदूर परिवार को प्रति वर्ष 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। सरकार का मुख्य उद्देश्य उन मेहनतकशों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, जिनके पास अपनी खुद की जमीन नहीं है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले चरवाहे, लोहार, कुम्हार और कृषि कार्यों से जुड़े अन्य भूमिहीन श्रमिक इस योजना के दायरे में आते हैं। यह राशि उन परिवारों के लिए एक बड़ा संबल साबित हो रही है, जिन्हें अक्सर जरूरतों के लिए साहूकारों के चक्कर काटने पड़ते थे।


5.62 लाख परिवारों को पहले मिल चुका है लाभ

योजना के शुभारंभ के साथ ही सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता साफ कर दी थी। पहले चरण में मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश के 5.62 लाख से अधिक पात्र परिवारों के खातों में राशि हस्तांतरित की थी। यह राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो गई है। जिन मजदूरों ने पहले चरण में आवेदन नहीं किया था, उनके लिए भी सत्यापन की प्रक्रिया निरंतर जारी है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस बड़े आर्थिक सुधार से वंचित न रह जाए।


कैसे चेक करें अपना नाम और स्टेटस?

अगर आप भी इस योजना के लाभार्थी हैं और अपनी किस्त का स्टेटस जानना चाहते हैं, तो आप योजना के आधिकारिक पोर्टल या अपने नजदीकी ग्राम पंचायत कार्यालय में जाकर संपर्क कर सकते हैं। हितग्राहियों को यह सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खाते का ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार लिंक स्टेटस जरूर चेक कर लें, क्योंकि तकनीकी गड़बड़ी होने पर किस्त अटक सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि मानसून के सीजन से पहले मजदूरों तक यह आर्थिक मदद पहुंच जाए ताकि वे अपनी जरूरतों को समय पर पूरा कर सकें।

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