बाघ की पहरेदारीः शिकारी गिरोह के पकड़े जाने के बाद निगरानी तेज धमतरी

ROJGAAR WALA

Ticker

3/recent/ticker-posts

बाघ की पहरेदारीः शिकारी गिरोह के पकड़े जाने के बाद निगरानी तेज धमतरी

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का इकलौता बाघ शिकारियों के निशाने पर है। 2 दिन पहले ही यहां एंटी पोचिंग टीम ने गिरोह को पकड़ा था, जो पानी में जहर मिलाने की साजिश रच रहा था। उसे ओडिशा के बुजुर्ग रमन रेहान ने बाघ के शिकार की सुपारी दी थी।

7 शिकारी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। इन घटनाओं के चलते उदंती-सीतानदी के इकलौते बाघ को बचाने के लिए वन विभाग ने रिजर्व के कॉरिडोर में 24 घंटे निगरानी के लिए 10 बेस कैंप खोले गए हैं। इनमें तैनात कर्मियों को एक महीने के राशन के साथ वॉकी-टॉकी भी दे दी गई है। रिजर्व क्षेत्र में शुरू किए गए बेस कैंप में से 4 स्थायी और 6 अस्थायी कैंप हैं।
इन कैंपों में तैनात वन विभाग के कर्मचारियों को पूरे समय मॉनिटरिंग करनी होगी। यहां महीनेभर का राशन भी दे दिया गया है। सारे कैंप मुख्य रूप से ओडिशा सीमा पर बनाए गए हैं और इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर उनका स्थान भी बदला जाता रहेगा।

मोबाइल नेटवर्क की समस्या के बीच वायरलेस वॉकी-टॉकी दिए गए हैं। स्थायी बेस कैंपों में एंटी पोचिंग स्पेशल टीम को तैनात किया गया है। इन कैंपों में सोलर पावर से बिजली, पेयजल और बाथरूम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

7 साल पहले हुआ था टाइगर का शिकार: 2018 में कुकरार क्षेत्र में एक बाघ का शिकार हुआ था, जिसके बाद शिकारी को ओडिशा के धवलपुर से खाल बेचते समय पकड़ा गया। वर्ष 2005 तक इस क्षेत्र में 4-5 बाघ मौजूद थे, लेकिन वर्तमान में केवल एक टाइगर बचा है। साल 2025 में मई, जुलाई और अगस्त के महीनों में ट्रैप कैमरों में एक बाघ की तस्वीर सामने आई थी, जो वर्तमान में बारनवापारा अभयारण्य में देखा गया।
400 किमी का कॉरिडोर, पानी जांचने के उपकरण भी दिए

टाइगर की सुरक्षा के लिए बाघ के जिस कॉरिडोर पर 10 बेस कैंपों और 200 कैमरों से निगरानी हो रही है। वह कॉरिडोर ओडिशा के सुनाबेड़ा से गढ़चिरौली तक 400 किमी क्षेत्र में फैला है। यहां तैनात टीम को गर्मी के दौरान पानी की कमी और उसमें जहर मिलाने की संभावनाओं से निपटने के लिए पानी जांचने वाले उपकरण भी दिए गए हैं।

ओडिशा से शिकारियों की लगातार मूवमेंट का पता चलने पर पहली बार जंगल क्षेत्र में कई स्तर पर सुरक्षा तंत्र बनाया गया है। कैमरों की मदद से टाइगर की तस्वीरें मिल रही हैं, जिससे उसके मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।

वरुण जैन, डिप्टी डायरेक्टर

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ